आज के समय में जब मानसिक तनाव, चिंता और शारीरिक थकावट हमारे जीवन का हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में रेकी द्वारा स्पर्श चिकित्सा लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और संतुलन लेकर आ रही है।
दिव्य ऊर्जा उपचार एवं अनुसंधान केंद्र के मास्टर ऊर्जा उपचारक और आध्यात्मिक सलाहकार भास्कर गिरि का कहना है कि —
“रेकी ऊर्जा हर जीव के भीतर प्रवाहित होने वाली सार्वभौमिक जीवन ऊर्जा है। इस ऊर्जा के संतुलन से मन, शरीर और आत्मा तीनों का सामंजस्य स्थापित होता है।”
इस उपचार पद्धति के माध्यम से —
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद में राहत मिलती है
शरीर के दर्द, थकावट और कमजोरी में सुधार होता है
ऊर्जा केंद्रों (चक्रों) का संतुलन होता है सकारात्मक सोच और आत्मबल में वृद्धि होती है भास्कर गिरि का मानना है कि रेकी सिर्फ एक उपचार नहीं बल्कि आध्यात्मिक जागृति और आत्म-चेतना की दिशा में कदम है।
वे लोगों को सिखाते हैं कि कैसे अपने भीतर की ऊर्जा को पहचानकर जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लाई जा सकती है।



