
भारत का संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता, न्याय और भाईचारे का मार्ग दिखाता है। देश के प्रत्येक नागरिक को यह प्रेरणा देता है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के विकास में योगदान दें।
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित देशभर के नेता और नागरिक आज के दिन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत उन सभी महान सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संस्थानों में प्रीअंबल (उद्देश्यिका) का पाठ, जागरूकता रैलियाँ और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संविधान दिवस हमें याद दिलाता है कि—
“संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, यह भारत की आत्मा है।”
आज के इस पावन अवसर पर प्रत्येक भारतीय को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और देश की एकता व अखंडता को मजबूत करेंगे।
अंग संदेश के लिए
रिपोर्टर : भास्कर गिरि

