
संवाददाता। अंग संदेश
गिरिडीह (झारखंड) — श्री श्री 108 प्राकृतिक हनुमानगढ़ी धाम स्थित फहलारी गिरी बाबा गुरुदेव दादी मां गौशाला सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गौ माता की वर्तमान स्थिति पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए समाज और सरकार से ठोस एवं संवेदनशील पहल की अपील की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि गौ माता सनातन संस्कृति में पूजनीय हैं। शास्त्रों में उन्हें देवतुल्य स्थान दिया गया है और भगवान श्रीकृष्ण स्वयं गोपाल के रूप में गौसेवा का संदेश देते हैं। ऐसी पूज्यनीय गौ माता आज सड़कों, गलियों और रेलवे ट्रैक पर असहाय भटकने को विवश हैं, जो अत्यंत दुखद है।

उन्होंने कहा कि चंद पैसों के लालच में लोग बेच, दिया जाता है। बड़ी संख्या में गौ माता दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं — कहीं ट्रेन से कटकर, कहीं बस या अन्य वाहनों की टक्कर से, तो कहीं खुले बिजली करंट की चपेट में आकर उनकी मृत्यु हो जाती है। यह स्थिति समाज की संवेदनहीनता को दर्शाती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी गौ माता का प्राकृतिक रूप से निधन हो जाए, तो उनका सम्मानपूर्वक मिट्टी में दफन (भूमि-समाधि) किया जाए। और न ही उनकी खाल या शरीर के अंगों की बिक्री की जाए। गौ माता को भी उसी आदर और मर्यादा के साथ अंतिम विदाई दी जानी चाहिए, जैसा एक सम्मानित जीव के प्रति अपेक्षित है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि गौशालाओं को पर्याप्त अनुदान, चारा, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही “गौसेना” के गठन और प्रभावी निगरानी व्यवस्था से गौहत्या और गौ उपेक्षा पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि गौ माता की रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, कर्तव्य और मानवता की पहचान है। यदि समाज और सरकार मिलकर आगे आएं, तभी गौसेवा की परंपरा सुरक्षित रह सकेगी और गौ माता को उनका उचित सम्मान मिल पाएगा।
रिपोर्ट, ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन जन जन की आवाज जय हिंदजय भारत🇳🇪
