संवाददाता ।अंग संदेश

गिरिडीह जिला अंतर्गत बगोदर प्रखंड के खटैया पथलडीहा स्थित प्राकृतिक हनुमानगढ़ी धाम को विकसित करने की मांग उठने लगी है। धाम के महंत फलाहारी गिरी बाबा ने समाज और सरकार से सहयोग की अपील करते हुए इसे भविष्य में एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही है।
फलाहारी गिरी बाबा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्राकृतिक हनुमानगढ़ी धाम सैकड़ों वर्षों पुरानी तपोभूमि है, जहां प्राचीन गुफाओं में अनेक साधु-संतों ने साधना की है। यह स्थल संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2021 को उन्हें धाम का महंत नियुक्त किया गया था। उस समय यहां केवल गुफाएं थीं और एक शिव मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में था। वर्तमान में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन यह धाम अभी भी सरकार और समाज की मुख्यधारा से काफी हद तक दूर है।
फलाहारी गिरी बाबा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है। भविष्य में यहां एक भव्य हनुमानगढ़ी मंदिर के साथ-साथ वृद्ध आश्रम और गौ आश्रम स्थापित करने की योजना है, ताकि असहाय बुजुर्गों को आश्रय और गौ सेवा के लिए स्थायी व्यवस्था की जा सके।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों और सरकार से आग्रह किया कि इस पावन धाम के विकास में सहयोग करें। उनके अनुसार, यदि सामूहिक प्रयास और सहयोग मिला तो प्राकृतिक हनुमानगढ़ी धाम झारखंड का गौरव बन सकता है और देश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में अपनी पहचान बना सकता है।

बताते चलें कि यह पूरी जानकारी प्राकृतिक हनुमानगढ़ी धाम के महंत फलाहारी गिरी बाबा द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तुत की गई है।
रिपोर्ट: ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन जन जन की आवाज
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